प्रश्न

साधना
सत्य साधना क्या है?
मौन ध्यान, जिसे अपने अनुभव से सीखा जाता है और नाल व खेयादा में 10-दिवसीय केंद्र-परिसर शिविरों में सिखाया जाता है। यह ध्यान का एक व्यवस्थित और अनुशासित मार्ग है, जिसका उद्देश्य स्वयं के सच्चे स्वरूप को जानना और एक सुखी, संतुलित व शांत जीवन जीना है।
इसकी नींव क्या है?
सत्य साधना 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की शिक्षाओं में निहित है, और इसे खरतरगच्छ के वर्तमान आचार्य, परम पूज्य गुरुदेव श्री पूज्यजी श्री जिनचंद्र सूरीजी महाराज साहब सिखाते हैं। परंपरा और इसके जैन आधार का वर्णन परंपरा पृष्ठ पर है।
शिविर में क्या सिखाया जाता है?
साधना चार चरणों में खुलती है: सदाचार (सही आचरण), श्वास दर्शन (श्वास का अवलोकन), सत्य दर्शन (समता के साथ भीतर के सत्य का दर्शन) और मैत्री (सभी प्राणियों के प्रति मैत्री)।
क्या शिविर में आने के लिए जैन होना, या किसी धर्म का पालन करना आवश्यक है?
नहीं। शिविर हर उस व्यक्ति के लिए खुले हैं जो सच्चे मन से सीखना चाहता है और शिविर की आचार-संहिता का पालन करने को तैयार है, उसकी पृष्ठभूमि या आस्था जो भी हो।
शिविर के बाद साधना कैसे जारी रखें?
Zoom पर दैनिक ऑनलाइन साधना सत्रों में जुड़ें; विवरण केंद्र से WhatsApp या ईमेल पर माँगें। घर पर, हर दिन एक ही समय पर किसी शांत स्थान पर बैठें और शिविर में सिखाए अनुसार साधना करें। दैनिक साधना पृष्ठ पर अधिक जानकारी है।
10-दिवसीय शिविर
आवेदन कैसे करें, और उसके बाद क्या होता है?
शिविर तिथियों के पृष्ठ से ऑनलाइन आवेदन करें। इसके लिए आपको एक फ़ोटो, अपने फ़ोटो पहचान-पत्र का विवरण और एक आपातकालीन संपर्क चाहिए। आपका आवेदन केंद्र तक पहुँचता है, जो आपका स्थान पक्का करने के लिए WhatsApp, फ़ोन या ईमेल से आपसे संपर्क करता है।
“पुराने साधक” कौन हैं?
वे जिन्होंने सत्य साधना केंद्र के साथ 10 दिवसीय शिविर पूरा किया है। “केवल पुराने साधक” वाले शिविर उनके लिए खुले हैं; हर कोई 10 दिवसीय शिविर से शुरुआत करता है।
शिविर दस दिनों का क्यों होता है?
साधना चरण-दर-चरण सिखाई जाती है और दिन-प्रतिदिन गहरी होती जाती है। मौन में दस दिनों की निरंतर साधना इसे अपने ही अनुभव से सीखने के लिए पर्याप्त समय देती है।
शिविर का एक दिन कैसा होता है?
सुबह 4:00 बजे घंटी बजती है और रात 8:30 बजे बत्ती बुझती है। बीच में हॉल में ध्यान और सामूहिक बैठकें, और सुबह व शाम वीडियो प्रवचन होते हैं, निर्धारित समय पर नाश्ता, दोपहर का भोजन, चाय और भोजन, और बीच में विश्राम। आचार्य सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक मार्गदर्शन के लिए और दोपहर 1:30 से 2:00 बजे तक मिलने के लिए उपलब्ध रहते हैं। पूरी समय-सारणी 10-दिवसीय शिविर के पृष्ठ पर है।
शिविर किस भाषा में सिखाया जाता है?
निर्देश हिंदी में दिए जाते हैं। यदि आपको किसी अन्य भाषा में सहायता चाहिए, तो आवेदन करते समय केंद्र से पूछें।
मौन में क्या-क्या शामिल है?
प्रतिभागी पूर्ण मौन रखते हैं: अन्य प्रतिभागियों से न बातचीत, न इशारे, न लिखित संदेश। साधना के बारे में आप आचार्य से बात कर सकते हैं।
क्या मैं अपना फ़ोन रख सकता/सकती हूँ? आपात स्थिति में मेरा परिवार मुझ तक कैसे पहुँचेगा?
फ़ोन, लैपटॉप, पुस्तकें और लेखन सामग्री सुरक्षित रखने के लिए जमा कराई जाती हैं और शिविर के अंत में लौटा दी जाती हैं। आपात स्थिति में आपका परिवार केंद्र के फ़ोन नंबर पर आपसे संपर्क कर सकता है।
क्या मैं शिविर समाप्त होने से पहले जा सकता/सकती हूँ?
कृपया पूरे शिविर में रहने की योजना बनाएँ, क्योंकि साधना दिन-प्रतिदिन आगे बढ़ती है। आपात स्थिति में शिविर प्रबंधन से बात करें।
क्या मैं दस दिन निभा पाऊँगा/पाऊँगी?
जो साधक सच्ची लगन से आते हैं और नियमों का पालन करते हैं, उनमें से अधिकांश अपना शिविर आसानी से पूरा करते हैं। दिनचर्या का प्रवाह आपको संभाले रखता है, मार्गदर्शन के लिए आचार्य उपस्थित रहते हैं, और शिविर प्रबंधन आपकी व्यावहारिक ज़रूरतों का ध्यान रखता है।
स्वास्थ्य और उपयुक्तता
क्या शिविर किसी बीमारी का उपचार है?
नहीं। सत्य साधना ध्यान का प्रशिक्षण है, कोई डॉक्टरी या मनोवैज्ञानिक इलाज नहीं। यदि आपका कोई इलाज चल रहा है, तो कृपया उसे जारी रखें और आवेदन करते समय केंद्र को उसकी जानकारी दें।
मैं एक कठिन समय से गुज़र रहा/रही हूँ। क्या अभी आना उचित है?
कृपया आवेदन से पहले केंद्र से बात करें। दस दिनों का मौन और निरंतर साधना कठिन हो सकती है, और केंद्र यह तय करने में आपकी सहायता कर सकता है कि क्या यह सही समय है।
क्या गर्भावस्था में मैं शिविर में आ सकती हूँ?
आवेदन करते समय कृपया अपनी गर्भावस्था के बारे में बताएँ। केंद्र आपको सलाह देगा, और आपकी ज़रूरत के अनुसार किसी भी व्यवस्था पर आपसे बात की जाएगी।
मैं पालथी मारकर नहीं बैठ सकता/सकती। क्या फिर भी आ सकता/सकती हूँ?
हाँ। जिन्हें आवश्यकता हो, उनके लिए बैकरेस्ट (पीठ-टेक) और कुर्सियाँ उपलब्ध हैं।
क्या किसी को आवेदन से पहले पूछ लेना चाहिए?
यदि आपको कोई गंभीर शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, आप गर्भवती हैं, या नियमित दवा लेते हैं, तो शिविर से पहले केंद्र को बताएँ ताकि वे आपको सलाह दे सकें।
कैसा भोजन दिया जाता है?
सादा शाकाहारी भोजन। किसी चिकित्सीय आहार के बारे में आवेदन करते समय बताएँ।
केंद्र और यात्रा
आवास कैसा है?
सादा साझा आवास, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था के साथ।
मुझे कब पहुँचना चाहिए, और शिविर कब समाप्त होता है?
शिविर की पहली तिथि, यानी पहले दिन दोपहर में पहुँचें। शिविर की अंतिम तिथि के अगले दिन सुबह, पहली प्रातःकालीन साधना के बाद साधक जा सकते हैं।
मुझे क्या लाना चाहिए?
पूरे शिविर के लिए ढीले, शालीन और आरामदायक कपड़े, बैठने के लिए एक शॉल या हल्का कंबल, रोज़मर्रा के उपयोग का सामान (ब्रश, साबुन आदि), आपकी ज़रूरी दवाएँ, एक टॉर्च और पानी की बोतल। कीमती सामान, किताबें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण घर पर ही छोड़ कर आएँ।
मैं केंद्रों तक कैसे पहुँचूँ?
हर केंद्र का पता और Google Maps स्थान ‘यात्रा और आगमन’ पृष्ठ पर, और केंद्र के अपने पृष्ठ पर है।
दान एवं सहयोग
शिविर का क्या शुल्क है?
हर शिविर निःशुल्क होता है; इसका कोई शुल्क नहीं है। शिविर पूर्व साधकों के दान से चलते हैं, जो कृतज्ञता के भाव से दिया जाता है ताकि दूसरे भी साधना कर सकें।
दान कौन दे सकता है?
दान पुराने साधक, यानी जिन्होंने शिविर पूरा किया है, केंद्रों के संचालन के लिए देते हैं, ताकि दूसरों को शिविर निःशुल्क मिल सकें। दान का विवरण दान पृष्ठ पर है।