साधना

दस दिन, केंद्र-परिसर शिविर
आप शिविर की पहली तिथि, यानी पहले दिन दोपहर में पहुँचते हैं। शिविर की अंतिम तिथि के अगले दिन सुबह, पहली प्रातःकालीन साधना के बाद आप जा सकते हैं। आप पूरे शिविर के दौरान केंद्र में रहते हैं, बाहरी दुनिया से बिना किसी संपर्क के।
दैनिक समय-सारणी
हर दिन एक ही लय में चलता है, सुबह 4:00 बजे की घंटी से रात 8:30 बजे बत्ती बुझने तक।
- 4:00 AMप्रातः घंटी
- 4:30–6:30 AMहॉल में ध्यान
- 6:30–7:00 AMनाश्ता
- 7:00–8:00 AMविश्राम
- 8:00–9:00 AMहॉल में सामूहिक ध्यान
- 9:00–10:00 AMवीडियो प्रवचन और ध्यान
- 10:00 AM–12:00 PMहॉल में ध्यानआचार्य से मार्गदर्शन
- 12:00–12:30 PMदोपहर का भोजन
- 12:30–2:00 PMविश्रामआचार्य से मिलने का समय: दोपहर 1:30–2:00
- 2:00–2:30 PMचाय
- 2:30–3:30 PMहॉल में सामूहिक ध्यान
- 3:30–5:00 PMध्यान और प्रेरक वीडियो सत्र
- 5:00–5:30 PMभोजन
- 5:30–6:00 PMविश्राम
- 6:00–7:00 PMहॉल में सामूहिक ध्यान
- 7:00–8:30 PMहॉल में वीडियो प्रवचन और ध्यान
- 8:30 PM सेअपने कमरे में विश्राम; बत्ती बंद
मौन
प्रतिभागी पूर्ण मौन रखते हैं: अन्य प्रतिभागियों से न बातचीत, न इशारे, न लिखित संदेश। साधना के बारे में आप आचार्य से बात कर सकते हैं।
आचार्य का मार्गदर्शन
साधना वीडियो प्रवचनों और सामूहिक बैठकों के माध्यम से चरण-दर-चरण सिखाई जाती है। आचार्य देर सुबह मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहते हैं, और दोपहर के भोजन के बाद आचार्य से मिलने का समय होता है।
शिविर की आचार-संहिता
शिविर में पूरी अवधि केंद्र में रहना और उसकी आचार-संहिता का निष्ठा से पालन करना होता है। साधना चरण-दर-चरण सिखाई जाती है और हर दिन पिछले दिन पर आगे बढ़ती है, इसलिए हर दिन महत्वपूर्ण है।
केंद्र में आचरण
पूरे शिविर में आप केंद्र के भीतर रहते हैं, कोई नशीला पदार्थ या तंबाकू नहीं लेते, शालीन और आरामदायक कपड़े पहनते हैं, और दिया गया भोजन करते हैं। पुरुषों और महिलाओं के स्थान अलग रखे जाते हैं। आपात स्थिति में आपका परिवार केंद्र के फ़ोन नंबर से आप तक पहुँच सकता है। कृपया केंद्र के कमरों, फ़र्नीचर और अन्य संपत्ति का ध्यान रखें, और कुछ भी क्षतिग्रस्त होने पर तुरंत प्रबंधन को बताएँ।
आचार्य के मार्गदर्शन का पालन
शिविर की पूरी अवधि में केवल आचार्य के बताए अनुसार ही साधना करें, और इस दौरान अन्य सभी ध्यान विधियाँ, पूजा-पाठ या नियम कुछ समय के लिए रोक दें। शिविर के दौरान उपवास न रखें, मंत्र-जाप न करें, और माला, ताबीज़ या गंडा जैसी धार्मिक वस्तुएँ अपने पास न रखें। इससे आप इस साधना को निष्पक्ष और पूरा अनुभव कर पाएँगे; शिविर के बाद आप स्वयं इसका आकलन करने के लिए स्वतंत्र हैं।
पुरुष और महिलाएँ
पुरुषों और महिलाओं के रहने के स्थान अलग हैं और वे हॉल में अलग बैठते हैं। शिविर के दौरान कृपया अन्य प्रतिभागियों से किसी भी शारीरिक संपर्क से बचें।
फ़ोन, पढ़ना, लिखना और रिकॉर्डिंग
फ़ोन, लैपटॉप और अन्य उपकरण आगमन पर जमा कराए जाते हैं और अंत में लौटा दिए जाते हैं। शिविर के दौरान टीवी, इंटरनेट, WhatsApp या सोशल मीडिया नहीं होता, और न ही समाचार-पत्र, पत्रिकाएँ, पुस्तकें या लेखन सामग्री। कृपया शिविर के दौरान कुछ भी रिकॉर्ड न करें और न ही फ़ोटो लें।
वस्त्र
लंबे समय तक बैठने के लिए आरामदायक, सादे, शालीन और ढीले कपड़े पहनें। तंग, भड़कीले या आवाज़ करने वाले कपड़े और गहने न पहनें।
स्वास्थ्य और उपयुक्तता
कृपया तभी आएँ जब आप पूरे शिविर तक केंद्र में रहने के लिए चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ हों और आपको कोई संक्रामक रोग न हो। यदि आपको कोई गंभीर शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, आप गर्भवती हैं, नियमित दवा लेते हैं, या किसी बहुत कठिन मानसिक दौर से गुज़र रहे हैं, तो शिविर से पहले केंद्र को अवश्य बताएँ ताकि वे आपको उचित सलाह दे सकें। शिविर ध्यान का प्रशिक्षण है, कोई डॉक्टरी या मनोवैज्ञानिक इलाज नहीं। जो साधक ज़मीन पर नहीं बैठ सकते, उनके लिए बैकरेस्ट (पीठ-टेक) और कुर्सियाँ उपलब्ध हैं।
पूरे शिविर में रहना
कृपया अंत तक रहने की योजना बनाएँ। आपात स्थिति में शिविर प्रबंधन से बात करें।
भाषा
निर्देश हिंदी में दिए जाते हैं। यदि आपको किसी अन्य भाषा में सहायता चाहिए, तो आवेदन करते समय केंद्र से पूछें।
कमरे और भोजन
स्त्री और पुरुषों के लिए अलग-अलग, सादे साझा कमरों की व्यवस्था और सादा शाकाहारी भोजन। यदि स्वास्थ्य कारणों से आपका कोई विशेष आहार है, तो आवेदन करते समय केंद्र को अवश्य बताएँ।
शुल्क / खर्च
कोई शुल्क नहीं है। हर शिविर निःशुल्क होता है, पूर्व साधकों के दान से संभव होता है, जो कृतज्ञता के भाव से दिया जाता है ताकि दूसरे भी साधना कर सकें।